Saturday, July 11, 2026

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जिला चिकित्सालय मंडला में पहली बार सफल जटिल एसीटाबुलम सर्जरी, डॉक्टरों ने रचा इतिहास

खबर मंडला, मध्यप्रदेश (MP-CG)
प्रशांत तिवारी की रिपोर्ट

जिला चिकित्सालय मंडला में पहली बार सफलतापूर्वक हुई जटिल एसीटाबुलम सर्जरी

जिला चिकित्सालय मंडला में पहली बार सफल जटिल एसीटाबुलम सर्जरी, डॉक्टरों ने रचा इतिहास

मंडला, 25 जून 2026:
जिला चिकित्सालय मंडला ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार एसीटाबुलम (कूल्हे के जोड़) की जटिल पोस्टेरियर वॉल फ्रैक्चर रिपेयर सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय करण बंजारा 16 जून 2026 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक उपचार के लिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया में भर्ती किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु जिला चिकित्सालय मंडला रेफर किया गया।

जिला चिकित्सालय में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज के कूल्हे के जोड़ में एसीटाबुलम की पोस्टेरियर वॉल फ्रैक्चर के साथ हिप जॉइंट का पोस्टेरियर डिसलोकेशन था। विशेषज्ञों के अनुसार यह अत्यंत जटिल ऑर्थोपेडिक चोटों में से एक मानी जाती है, जिसके उपचार के लिए विशेष तकनीकी दक्षता और अनुभव की आवश्यकता होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी जटिल सर्जरी सामान्यतः बड़े महानगरों और उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा संस्थानों में ही की जाती है। इस प्रक्रिया में टूटी हुई हड्डियों को उनकी मूल स्थिति में स्थापित करना, कूल्हे के जोड़ की स्थिरता बनाए रखना तथा लंबे और जटिल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित निश्चेतना प्रबंधन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है।

इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को जिला चिकित्सालय मंडला के अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. हेमेन्द्र चौहान, डॉ. अनिल करपेटी और डॉ. अविनाश खरे ने सफलतापूर्वक संपन्न किया। वहीं निश्चेतना प्रबंधन में डॉ. प्रवीण उइके एवं डॉ. सोनम चौरसिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन की सफलता में ऑपरेशन थिएटर टीम का भी विशेष योगदान रहा। टीम में विनीता चौधरी, एकता सोयाम, योगिता मरावी, किरण खंडेलवाल, अंकिता, स्वाति, भारती सिंगौर, ब्रजेन्द्र बैरागी, सोमती, अमित, विमला, बलराम एवं ब्रह्मा ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं।

विशेषज्ञों ने बताया कि एसीटाबुलम कूल्हे के जोड़ का वह भाग होता है जिसमें जांघ की हड्डी (फीमर) का सिर स्थित रहता है। इसकी पोस्टेरियर वॉल का फ्रैक्चर एवं कूल्हे का डिसलोकेशन अत्यंत जटिल स्थिति होती है, जिसके उपचार के लिए विशेष कौशल और आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों की आवश्यकता होती है।

जिला चिकित्सालय स्तर पर इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल संचालन मंडला जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे भविष्य में जिले के गंभीर ट्रॉमा एवं अस्थि रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और उन्नत उपचार उपलब्ध हो सकेगा तथा बड़े चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता भी कम होगी।

इस उपलब्धि पर जिला चिकित्सालय मंडला के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सर्जरी टीम और ऑपरेशन थिएटर टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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जिला चिकित्सालय मंडला में पहली बार सफल जटिल एसीटाबुलम सर्जरी, डॉक्टरों ने रचा इतिहास

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जिला चिकित्सालय मंडला में पहली बार सफलतापूर्वक हुई जटिल एसीटाबुलम सर्जरी

जिला चिकित्सालय मंडला में पहली बार सफल जटिल एसीटाबुलम सर्जरी, डॉक्टरों ने रचा इतिहास

मंडला, 25 जून 2026:
जिला चिकित्सालय मंडला ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार एसीटाबुलम (कूल्हे के जोड़) की जटिल पोस्टेरियर वॉल फ्रैक्चर रिपेयर सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। यह उपलब्धि जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय करण बंजारा 16 जून 2026 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक उपचार के लिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया में भर्ती किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु जिला चिकित्सालय मंडला रेफर किया गया।

जिला चिकित्सालय में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज के कूल्हे के जोड़ में एसीटाबुलम की पोस्टेरियर वॉल फ्रैक्चर के साथ हिप जॉइंट का पोस्टेरियर डिसलोकेशन था। विशेषज्ञों के अनुसार यह अत्यंत जटिल ऑर्थोपेडिक चोटों में से एक मानी जाती है, जिसके उपचार के लिए विशेष तकनीकी दक्षता और अनुभव की आवश्यकता होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी जटिल सर्जरी सामान्यतः बड़े महानगरों और उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा संस्थानों में ही की जाती है। इस प्रक्रिया में टूटी हुई हड्डियों को उनकी मूल स्थिति में स्थापित करना, कूल्हे के जोड़ की स्थिरता बनाए रखना तथा लंबे और जटिल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षित निश्चेतना प्रबंधन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है।

इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को जिला चिकित्सालय मंडला के अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. हेमेन्द्र चौहान, डॉ. अनिल करपेटी और डॉ. अविनाश खरे ने सफलतापूर्वक संपन्न किया। वहीं निश्चेतना प्रबंधन में डॉ. प्रवीण उइके एवं डॉ. सोनम चौरसिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन की सफलता में ऑपरेशन थिएटर टीम का भी विशेष योगदान रहा। टीम में विनीता चौधरी, एकता सोयाम, योगिता मरावी, किरण खंडेलवाल, अंकिता, स्वाति, भारती सिंगौर, ब्रजेन्द्र बैरागी, सोमती, अमित, विमला, बलराम एवं ब्रह्मा ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं।

विशेषज्ञों ने बताया कि एसीटाबुलम कूल्हे के जोड़ का वह भाग होता है जिसमें जांघ की हड्डी (फीमर) का सिर स्थित रहता है। इसकी पोस्टेरियर वॉल का फ्रैक्चर एवं कूल्हे का डिसलोकेशन अत्यंत जटिल स्थिति होती है, जिसके उपचार के लिए विशेष कौशल और आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों की आवश्यकता होती है।

जिला चिकित्सालय स्तर पर इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल संचालन मंडला जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे भविष्य में जिले के गंभीर ट्रॉमा एवं अस्थि रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और उन्नत उपचार उपलब्ध हो सकेगा तथा बड़े चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता भी कम होगी।

इस उपलब्धि पर जिला चिकित्सालय मंडला के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सर्जरी टीम और ऑपरेशन थिएटर टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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