भोपाल | खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG
दिनांक 02/06/2026
मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत प्रदेश में बस संचालन की विस्तृत कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों—इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा—में विभाजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के तहत बस संचालन की शुरुआत सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से होगी।
इंदौर संभाग के सभी जिलों को जोड़ने के साथ-साथ इंदौर शहर, उपनगरीय क्षेत्रों और महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों तक बस सेवाएं संचालित की जाएंगी। इसके लिए अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जुलाई माह से इंदौर शहर में पीएम ई-बस सेवा के तहत 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का प्रस्ताव है। प्रदेशभर में कुल 620 इंटरसिटी मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर 2432 बसें संचालित होंगी। इनमें से 121 मार्ग इंदौर क्षेत्र के हैं, जहां 608 बसों का संचालन किया जाएगा।
इसके अलावा सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों में सिटी बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी, जो शहरों के साथ आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों तक लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इंदौर क्षेत्र में 28 सिटी रूट चिन्हित किए गए हैं, जहां कुल 784 बसें संचालित होंगी।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नई परिवहन योजना का वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट और संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निजी बसें पूर्व व्यवस्था के अनुसार संचालित होती रहेंगी।
राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के गठन को भी मंजूरी दी गई है। इन कंपनियों में विभिन्न विभागों के लिए कुल 1190 पद सृजित किए गए हैं, जिन्हें आगामी चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि बस सेवाओं से जुड़ी जनसुविधाओं को कलेक्टरों और नगरीय निकायों के माध्यम से सुव्यवस्थित किया जाए ताकि आम नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।


