यूसीसी का उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों को समान अधिकार दिलाना है : बुधपाल सिह
खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG

मंडला, 16 जून 2026। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य शासन द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया के तहत मंगलवार को पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, बड़ी खैरी में उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति सदस्य बुधपाल सिंह ने यूसीसी के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए।

बैठक को संबोधित करते हुए बुधपाल सिंह ने कहा कि समान नागरिक संहिता का आधार भारतीय संविधान का अनुच्छेद-44 है, जिसका उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार, न्याय और कल्याण प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि गोवा में लंबे समय से यूसीसी लागू है, जबकि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों में भी इसे लागू किया जा चुका है। मध्यप्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ रहा है और यूसीसी लागू करने वाला चौथा राज्य बनने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में अनुसूचित जनजातियों को उनकी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है। यूसीसी के तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया जाएगा।
समिति सदस्य ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर विवाह पंजीयन अनिवार्य होगा, बेटियों और बेटों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त होंगे, गोद लेने की प्रक्रिया धर्मनिरपेक्ष होगी तथा बहुविवाह पर रोक लगेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूसीसी का किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति या धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बैठक में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह एवं तलाक संबंधी समान कानून, महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों में समानता, लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों के अधिकारों की स्पष्टता तथा धर्मांतरित जनजातीय समुदाय के लिए प्रावधानों को स्पष्ट करने जैसे सुझाव दिए। विवाह पंजीयन को अनिवार्य बनाने और यूसीसी के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग भी उठी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष सोनू भलावी, पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राधा गुप्ता, कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे, पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
समिति सदस्य बुधपाल सिंह ने बताया कि जो नागरिक बैठक में अपने सुझाव नहीं दे सके हैं, वे राज्य शासन के यूसीसी पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार कर विधि विभाग की सहमति के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।


