Saturday, August 15, 2026

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सचिव की भेजी लिंक बनी मुसीबत? पंचायत चपरासी के खाते से ₹1.64 लाख की साइबर ठगी

लफरा पंचायत में साइबर ठगी: सचिव की भेजी लिंक से ऐप डाउनलोड करने के बाद चपरासी के खाते से ₹1.64 लाख निकले, पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप

मंडला। जिले की ग्राम पंचायत लफरा में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के चपरासी ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सचिव धनीराम धूमकेती द्वारा भेजी गई एक लिंक के माध्यम से उसने मोबाइल में ऐप डाउनलोड किया। इसके कुछ ही समय बाद उसके बैंक खाते से ₹1,64,000 की राशि अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के जरिए निकाल ली गई।

Bank स्टेटमेंट की कॉपी

पीड़ित के अनुसार, उसने सचिव द्वारा भेजी गई लिंक पर भरोसा करते हुए ऐप डाउनलोड किया था। इसके बाद खाते से लगातार पैसे कटने लगे। बैंक स्टेटमेंट में ₹1.64 लाख की निकासी दर्ज होने का दावा किया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने संबंधित बैंक और साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई और राशि वापस दिलाने की मांग की है।

इस घटना ने पंचायत स्तर पर साइबर सुरक्षा और जागरूकता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी अधिकारी द्वारा कोई डिजिटल लिंक साझा की जाती है, तो उसकी सत्यता की जिम्मेदारी और कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी देने की आवश्यकता पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित लिंक किस उद्देश्य से भेजी गई थी, वह आधिकारिक थी या नहीं, और क्या किसी प्रकार की लापरवाही हुई। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस और साइबर विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं।

पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा उसके खाते से निकली ₹1.64 लाख की राशि वापस दिलाने की मांग की है।

नोट: यह समाचार पीड़ित के बयान और उपलब्ध बैंक दस्तावेजों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी जांच पूरी होने तथा सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष के बाद ही तय होगी।

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सचिव की भेजी लिंक बनी मुसीबत? पंचायत चपरासी के खाते से ₹1.64 लाख की साइबर ठगी

लफरा पंचायत में साइबर ठगी: सचिव की भेजी लिंक से ऐप डाउनलोड करने के बाद चपरासी के खाते से ₹1.64 लाख निकले, पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप

मंडला। जिले की ग्राम पंचायत लफरा में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के चपरासी ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सचिव धनीराम धूमकेती द्वारा भेजी गई एक लिंक के माध्यम से उसने मोबाइल में ऐप डाउनलोड किया। इसके कुछ ही समय बाद उसके बैंक खाते से ₹1,64,000 की राशि अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के जरिए निकाल ली गई।

Bank स्टेटमेंट की कॉपी

पीड़ित के अनुसार, उसने सचिव द्वारा भेजी गई लिंक पर भरोसा करते हुए ऐप डाउनलोड किया था। इसके बाद खाते से लगातार पैसे कटने लगे। बैंक स्टेटमेंट में ₹1.64 लाख की निकासी दर्ज होने का दावा किया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने संबंधित बैंक और साइबर अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई और राशि वापस दिलाने की मांग की है।

इस घटना ने पंचायत स्तर पर साइबर सुरक्षा और जागरूकता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी अधिकारी द्वारा कोई डिजिटल लिंक साझा की जाती है, तो उसकी सत्यता की जिम्मेदारी और कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी देने की आवश्यकता पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

मामले में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित लिंक किस उद्देश्य से भेजी गई थी, वह आधिकारिक थी या नहीं, और क्या किसी प्रकार की लापरवाही हुई। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस और साइबर विशेषज्ञ जांच कर रहे हैं।

पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा उसके खाते से निकली ₹1.64 लाख की राशि वापस दिलाने की मांग की है।

नोट: यह समाचार पीड़ित के बयान और उपलब्ध बैंक दस्तावेजों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी जांच पूरी होने तथा सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष के बाद ही तय होगी।

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