3 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस दिन होली का पर्व भी मनाया जाएगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से यह तिथि विशेष मानी जा रही है।

2️⃣ ✨ ग्रहण काल में जप-तप करें, दान-पुण्य से पाएँ सहस्रगुणित फल।
3️⃣ 🌙 आज चंद्रमा होगा पृथ्वी की छाया से आच्छादित — धार्मिक आस्था का विशेष दिन।
4️⃣ 🔔 सूतक काल का रखें ध्यान, शुभ कार्यों से बचें और ईश्वर का स्मरण करें।
5️⃣ 🎨 ग्रहण की आध्यात्मिक ऊर्जा और होली की रंगीन खुशियाँ — मंगलमय🌙 ज्योतिषीय एवं धार्मिक महत्व
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के बाद चंद्रमा को अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। चंद्रमा मन, भावनाओं और जल तत्व का कारक है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी चंद्रमा पृथ्वी के जल, ज्वार-भाटा और गुरुत्वाकर्षण को प्रभावित करता है। पृथ्वी के सबसे निकट होने के कारण इसका प्रभाव प्रत्यक्ष माना जाता है।
शास्त्रीय उल्लेख:
“छादयत्यिन्दुमर्कस्य छाया भूमेः स्वभावतः”
अर्थात् पृथ्वी की छाया से जब चंद्रमा आच्छादित होता है, वही चंद्रग्रहण कहलाता है।
⚠️ सूतक काल में क्या करें, क्या न करें
वर्जित कार्य:
भोजन करना
शयन
मांगलिक एवं शुभ कार्य
करने योग्य कार्य:
जप, तप, दान
मंत्र साधना
स्नान
शास्त्रों में कहा गया है—
“ग्रहणे च जपः श्रेष्ठो दानं स्नानं विशेषतः”
अर्थात ग्रहण काल में किया गया जप, तप और दान सहस्रगुणित फल देता है।
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गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानी
तेज वस्तुओं का प्रयोग न करें
घर से बाहर निकलने से बचें
भगवान शिव का मंत्र जाप करें
महामृत्युंजय मंत्र एवं विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
इस पावन अवसर पर आप सभी को रंगों के पर्व होली की मंगलमय शुभकामनाएँ। 🌸🌈
धर्म, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा के साथ इस दिन को मनाएँ। रहे यह दिवस।


