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पटवारी गीतेंद्र बैरागी निलंबित, रिकॉर्ड में हेरफेर और आदिवासी भूमि मामले में बड़ी कार्रवाई

मंडला (मध्यप्रदेश):
जिले में राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पटवारी गीतेंद्र बैरागी को रिकॉर्ड में हेरफेर और आदिवासी भूमि से जुड़े प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता राजाराम पिता दीनदयाल, निवासी ग्राम ककैया तहसील बिछिया ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी काबिज एवं आबादी भूमि (प्लॉट नंबर 418) में अवैध रूप से धीरज पिता पंचम बरया का नाम सहखातेदार के रूप में जोड़ दिया गया।
जांच के दौरान नायब तहसीलदार अंजनिया द्वारा मौके पर निरीक्षण किया गया, जिसमें भूमि पर राजाराम का अधिकार सही पाया गया, जबकि अन्य नाम को गलत दर्ज किया गया।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पटवारी बैरागी ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। इस आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मंडला द्वारा म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन तथा सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा, ग्राम महाराजपुर में उनके कार्यकाल के दौरान एक और गंभीर मामला सामने आया है। खसरा नंबर 11/2 (रकबा 2.28 एकड़), जो अनुसूचित जनजाति की भूमि थी, उसे गैर-आदिवासी के नाम दर्ज कर दिया गया। यह मामला म.प्र. भू-राजस्व संहिता की धारा 165 के उल्लंघन का प्रतीत होता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त भूमि बाद में अन्य व्यक्तियों के माध्यम से शर्मा परिवार को बेच दी गई। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित पटवारी द्वारा भूमि के अनुसूचित जनजाति से संबंधित होने का उल्लेख प्रतिवेदन में नहीं किया गया।
फिलहाल इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मंडला द्वारा पटवारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।



