“दिखावे की कार्रवाई या सच में रुकेगा अवैध खनन? छोटे खिलाड़ियों पर गाज, रसूखदारों को ‘अभयदान क्यों?”

मंडला: अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन का डंडा, दो डंपर जब्त कर हिरदेनगर चौकी की सुपुर्दगी में दिए
खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG
मंडला | जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ कलेक्टर सोमेश मिश्रा के सख्त रुख के बाद खनिज विभाग एक्शन मोड में है। मंगलवार, 7 अप्रैल को खनिज विभाग की टीम ने ग्राम हिरदेनगर क्षेत्र में छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन कर रहे दो डंपरों को रंगे हाथों पकड़ा।
इन वाहनों पर हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान टीम ने निम्नलिखित वाहनों को अवैध परिवहन करते पाया, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया:
- डंपर क्रमांक: MP 20 HB 7118
- डंपर क्रमांक: MP 20 HB 5792
कलेक्टर न्यायालय में पेश होगा मामला
खनिज निरीक्षक और उनकी टीम ने कार्रवाई के बाद दोनों डंपरों को चौकी हिरदेनगर की अभिरक्षा में सौंप दिया है। इन वाहन स्वामियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब इस प्रकरण की सुनवाई कलेक्टर न्यायालय में होगी।
क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए इस मुद्दे के कुछ महत्वपूर्ण पहलू
- नदियों का अस्तित्व: मंडला की जीवनदायिनी नर्मदा और उसकी सहायक नदियों से जिस तरह मशीनों के जरिए रेत निकाली जा रही है, उससे न केवल जलस्तर गिर रहा है बल्कि जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) भी पूरी तरह तबाह हो रहा है।
- ‘बली का बकरा’ बनाम ‘बड़े मगरमच्छ’: अक्सर यह देखा जाता है कि छोटे ट्रैक्टरों या इक्का-दुक्का डंपरों पर कार्रवाई करके प्रशासन अपनी पीठ थपथपा लेता है, जबकि बड़े सिंडिकेट और रसूखदार लोग पर्दे के पीछे से सुरक्षित अपना काम जारी रखते हैं।
प्रशासनिक मिलीभगत: बिना स्थानीय संरक्षण और निचले स्तर के अमले की अनदेखी के, पूरे जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव नहीं है।
- मशीनों का उपयोग: नियमों के विरुद्ध नदियों के बीच में उतरकर पोकलेन और जेसीबी का उपयोग क्या प्रशासन की नजर में नहीं है?




