Friday, April 17, 2026

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मंडला जिले में अवैध खनन एक गंभीर समस्या

मंडला: अवैध खनन पर कार्रवाई या सिर्फ ‘महीने का टारगेट’? नवागत कलेक्टर से जनता को बड़ी उम्मीदें

खनिज विभाग मंडला द्वारा ग्राम हिरदेनगर में जब्त किए गए अवैध रेत और मिट्टी के डम्पर और ट्रैक्टर की तस्वीर। खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG की विशेष रिपोर्ट।
मंडला में अवैध खनन एक ‘गंभीर बीमारी’ का रूप ले चुका है!

मंडला | 16 अप्रैल 2026

जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर डंडा चलाया है। खनिज विभाग द्वारा ग्राम हिरदेनगर क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध परिवहन में लगे 3 वाहनों को जब्त किया गया है। लेकिन इस कार्रवाई के बीच अब जिला प्रशासन और नवागत कलेक्टर की कार्यशैली से उम्मीद जागने लगी हैं।

हिरदेनगर चौकी में खड़े किए गए जब्त वाहन

​खनिज विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान रेत और मिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त एक डम्पर (क्रमांक MP 34 ZG 4319) और दो ट्रैक्टरों (न्यू पावर ट्रैक एवं महिन्द्रा) को पकड़ा है। इन वाहनों को जब्त कर शासकीय अभिरक्षा में हिरदेनगर चौकी को सौंप दिया गया है। विभाग ने ‘मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022’ के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला न्यायालय में पेश किया है।

सवाल: क्या यह सिर्फ मासिक औपचारिकता है?

​जिले के गलियारों में यह चर्चा आम है कि खनिज विभाग की ऐसी कार्रवाई अक्सर महीने के अंत में ‘टारगेट’ पूरा करने के लिए होती है। अप्रैल का कोटा पूरा होने के बाद क्या अब अगली कार्रवाई के लिए मई का इंतजार किया जाएगा? मंडला में अवैध उत्खनन एक ऐसी ‘गंभीर बीमारी’ बन चुका है, जिसने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि कई सड़क दुर्घटनाओं को भी जन्म दिया है।

नवागत कलेक्टर महोदय जी से सीधी अपील: हो खदानों का सीमांकन

​जिले की जनता अब नवागत कलेक्टर महोदय की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। प्रशासन से यह मांग उठ रही है कि:

  1. ​जिले की सभी स्वीकृत खदानों के मूल रकबे और वर्तमान स्थिति का तकनीकी सीमांकन कराया जाए।
  2. ​खदानों की गहराई और क्षेत्रफल की जांच हो, जिससे यह साफ हो सके कि कागजों पर स्वीकृत सीमा से कितना अधिक अवैध उत्खनन किया जा चुका है।
  3. ​यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो अवैध खनन के सिंडिकेट का ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होना तय है।

निष्कर्ष:

मंडला की जनता अब ‘ढाक के तीन पात’ वाली पुरानी कहावत से आगे बढ़कर ठोस जमीनी कार्रवाई चाहती है। अब देखना यह है कि नवागत कलेक्टर महोदय इस संगठित अवैध कारोबार पर नकेल कसते हैं या व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चलती रहेगी।

रिपोर्ट: प्रशांत तिवारी (जिला ब्यूरो)

खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG

खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG

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मंडला जिले में अवैध खनन एक गंभीर समस्या

मंडला: अवैध खनन पर कार्रवाई या सिर्फ ‘महीने का टारगेट’? नवागत कलेक्टर से जनता को बड़ी उम्मीदें

खनिज विभाग मंडला द्वारा ग्राम हिरदेनगर में जब्त किए गए अवैध रेत और मिट्टी के डम्पर और ट्रैक्टर की तस्वीर। खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG की विशेष रिपोर्ट।
मंडला में अवैध खनन एक ‘गंभीर बीमारी’ का रूप ले चुका है!

मंडला | 16 अप्रैल 2026

जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर डंडा चलाया है। खनिज विभाग द्वारा ग्राम हिरदेनगर क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध परिवहन में लगे 3 वाहनों को जब्त किया गया है। लेकिन इस कार्रवाई के बीच अब जिला प्रशासन और नवागत कलेक्टर की कार्यशैली से उम्मीद जागने लगी हैं।

हिरदेनगर चौकी में खड़े किए गए जब्त वाहन

​खनिज विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान रेत और मिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त एक डम्पर (क्रमांक MP 34 ZG 4319) और दो ट्रैक्टरों (न्यू पावर ट्रैक एवं महिन्द्रा) को पकड़ा है। इन वाहनों को जब्त कर शासकीय अभिरक्षा में हिरदेनगर चौकी को सौंप दिया गया है। विभाग ने ‘मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022’ के तहत प्रकरण दर्ज कर मामला न्यायालय में पेश किया है।

सवाल: क्या यह सिर्फ मासिक औपचारिकता है?

​जिले के गलियारों में यह चर्चा आम है कि खनिज विभाग की ऐसी कार्रवाई अक्सर महीने के अंत में ‘टारगेट’ पूरा करने के लिए होती है। अप्रैल का कोटा पूरा होने के बाद क्या अब अगली कार्रवाई के लिए मई का इंतजार किया जाएगा? मंडला में अवैध उत्खनन एक ऐसी ‘गंभीर बीमारी’ बन चुका है, जिसने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि कई सड़क दुर्घटनाओं को भी जन्म दिया है।

नवागत कलेक्टर महोदय जी से सीधी अपील: हो खदानों का सीमांकन

​जिले की जनता अब नवागत कलेक्टर महोदय की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। प्रशासन से यह मांग उठ रही है कि:

  1. ​जिले की सभी स्वीकृत खदानों के मूल रकबे और वर्तमान स्थिति का तकनीकी सीमांकन कराया जाए।
  2. ​खदानों की गहराई और क्षेत्रफल की जांच हो, जिससे यह साफ हो सके कि कागजों पर स्वीकृत सीमा से कितना अधिक अवैध उत्खनन किया जा चुका है।
  3. ​यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो अवैध खनन के सिंडिकेट का ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होना तय है।

निष्कर्ष:

मंडला की जनता अब ‘ढाक के तीन पात’ वाली पुरानी कहावत से आगे बढ़कर ठोस जमीनी कार्रवाई चाहती है। अब देखना यह है कि नवागत कलेक्टर महोदय इस संगठित अवैध कारोबार पर नकेल कसते हैं या व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चलती रहेगी।

रिपोर्ट: प्रशांत तिवारी (जिला ब्यूरो)

खबर मंडला मध्यप्रदेश MP/CG

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