Monday, April 13, 2026

National

spot_img

मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के नाम पर वसूली का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

खबर (मंडला, मध्यप्रदेश | बिछिया जनपद)

सरपंच पति

मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के नाम पर वसूली का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

मंडला जिले के बिछिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत ककैया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो के अनुसार, ग्राम पंचायत से जुड़े एक व्यक्ति (बताया जा रहा है कि सरपंच पति) खुले तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उनके “दस्तखत” से ही हितग्राही को योजना के तहत मिलने वाली 61 हजार रुपये की सहायता और दहेज सामग्री प्राप्त होगी। इसके एवज में “खर्चा-पानी” देने की बात भी कही जा रही है।

वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि योजना के आवेदन में दस्तखत के नाम पर पैसों की मांग की जा रही है, जो कि सरकारी योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

सूत्रों के मुताबिक, पंचायत में हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि बिना पैसे दिए कोई भी काम आसानी से नहीं होता। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

जांच की मांग तेज

वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो यह न केवल योजना की मंशा के साथ धोखा होगा, बल्कि गरीब परिवारों के हक पर भी सीधा हमला माना जाएगा।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक शिकंजा कसता है।

International

spot_img

मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के नाम पर वसूली का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

खबर (मंडला, मध्यप्रदेश | बिछिया जनपद)

सरपंच पति

मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के नाम पर वसूली का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

मंडला जिले के बिछिया जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत ककैया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के नाम पर कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो के अनुसार, ग्राम पंचायत से जुड़े एक व्यक्ति (बताया जा रहा है कि सरपंच पति) खुले तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उनके “दस्तखत” से ही हितग्राही को योजना के तहत मिलने वाली 61 हजार रुपये की सहायता और दहेज सामग्री प्राप्त होगी। इसके एवज में “खर्चा-पानी” देने की बात भी कही जा रही है।

वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि योजना के आवेदन में दस्तखत के नाम पर पैसों की मांग की जा रही है, जो कि सरकारी योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

सूत्रों के मुताबिक, पंचायत में हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि बिना पैसे दिए कोई भी काम आसानी से नहीं होता। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

जांच की मांग तेज

वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो यह न केवल योजना की मंशा के साथ धोखा होगा, बल्कि गरीब परिवारों के हक पर भी सीधा हमला माना जाएगा।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक शिकंजा कसता है।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES